क्षिप्रा

अटूट आस्था और मनौती से भरा मानस पटल, क्षिप्रा से पहुँचे भक्त गिरिराज जी की कर रहे दण्डवत परिक्रमा…

क्षिप्राखबर @ क्षिप्रा। पर्वतराज की भक्ति अनूठी है तो भक्त निराले हैं। कठिन परिक्रमाओं में शामिल भगवान गिरिराज धरण की दण्डवत परिक्रमा करने क्षिप्रा, बरलाई जागीर, सुखल्या समेत आसपास के गांवों के तकरीबन 50 भक्तजनों का जत्था प्रत्येक वर्ष ब्रज भूमि पर नतमस्तक होते है।गोवर्धन पर्वत की शिलाओं में भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं के संरक्षित चिन्ह रहस्यमयी दिव्यता की गवाही दे रहे हैं। भक्ति में बढ़ते कदम और मुख से निकलते गिरिराज महाराज के जयकारे के साथ क्षिप्रा के भक्तों द्वारा प्रभु गिरिराज धरण की 21 किमी की दण्डवती परिक्रमा लगाकर प्रभु से आशीर्वाद मांग रहे हैं। 4 जनवरी को भक्तजनों ने गोवर्धन मुखारविन्द जतिपूरा मंदिर में पूजा अर्चना एवं अभिषेक करके संकल्प लेकर दण्डवत यात्रा प्रारम्भ की थी। इस यात्रा में पुरूष, महिलाओ के साथ साथ छोटे बच्चे भी परिक्रमा करके प्रभु की अनंत भक्ति में लीन हैं। कहा जाता है कि दंडवती परिक्रमा सबसे कठिन परिक्रमा है। 21 किमी लंबी परिक्रमा लेटकर लगाई जाती है। एक बार लेटकर श्रद्धालु ब्रजरज से सिर और आंखों को स्पर्श कर प्रभु का नमन करते हैं। बतौर हाथों में पत्थर का टुकड़ा रखकर परिक्रमा करते हैं। लंबा हाथ कर लेटने के बाद निशान को वहीं छोड़ देते हैं। फिर निशान के बाद अगली दंडवती करते हैं। परंपरा के तहत दंडवती के निशान से आगे वह पैदल नहीं जाते हैं। यात्रा में शामिल क्षेत्र के भागवत आचार्य पं मयूर अग्निहोत्री ने बताया कि जब व्यक्ति के प्रारब्ध एवं वर्तमान जन्म जन्मों के पुण्य उदय होते हैं। तब जाकर भगवान की इस पवित्र भूमि को दण्डवत करने का सौभाग्य प्राप्त होता हैं। कठिन यात्राओं में शामिल श्री गिरिराज जी की दण्डवत यात्रा भी अनंत पुण्यो के बाद ही प्राप्त होती है। यात्रा में मुख्य रूप से सम्मिलित रघुवीरसिंह भदौरिया, पं विश्वास उपाध्याय, विकास मेहता, मुकेश सौलंकी, शानू भदौरिया, पवन बापट, देवेन्द्र सिंह पवांर, सुभाष पटेल, बाबू अग्रवाल, जितेंद्र पटेल, चीकू सोलंकी, प्रकाश करंजिया, संघर्ष सिंह ठाकुर, अर्जुन पटेल, आदि गिरिराज भक्त मंडल क्षिप्रा ने परिक्रमा कर प्रभु से आशीर्वाद की कामना की। 4 जनवरी को शुरू हुई दण्डवत यात्रा को भक्तजनों ने 8 दिवस पश्चात 11 जनवरी को भक्तो ने ब्रज रज को दण्डवत प्रणाम करते हुए विश्वकल्याण की कामना से सिर पर रज धारण करते हुए इस पुण्य मई दण्डवत यात्रा का समापन किया।फ़ोटो : क्षिप्रा के भक्तों ने दण्डवत की प्रभु श्री गिरिराज जी की परिक्रमा

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