अजब-गजबदेश-दुनिया

आज आसमान से देखने को मिलेगा अद्भूत नजारा, खुली आंखों से टुटते दिखेंगें हजारों तारे

क्षिप्राखबर ◆ आज रात आसमान में बड़ी ही अद्भुत घटना घटने जा रही है। आज की रात को आसमान इतना सुंदर दिखाई देगा जितना सायद ही आपने कभी देखा होगा। जी हाँ, आज शनिवार की रात को आसमान में एक साथ कई तारे टूटते दिखाई देंगे। यह एक अनोखी खगोलीय घटना होगी जो कई सालों के बाद देखने को मिलेगी। आप इसे रात के वक्त अपने घर की छत से देख सकते है। इसका समय रात 2 से 3 बजे तक बताया जा रहा है, हालाकि समय आगे या पीछे भी हो सकता है।
तारों की बारिश देखने के लिए आपको किसी टेलीस्कोप की जरूरत नहीं होगी। इस बार जिस तरह से उल्कापिंड की बारिश होगी वैसी आज से पहले साल 1992 में हुई थी और फिर आने वाले साल 2126 में होगी। हालांकि, जितने उल्कापिंड आपको आसमान से जमीन की ओर आते दिखेंगे, उतने जमीन पर गिरेंगे नहीं।
वैज्ञानिकों के अनुसार, उल्कापिंड अंतरिक्ष में घूमते जब धरती के वायुमंडल में पहुंचते हैं तो उनकी गति 20 किमी प्रति सेकेंड यानी 72 हजार किमी प्रति घंटा तक होती है। इतनी तेज गति होने की वजह से इनमें आग लग जाती है जिस वजह से यह चमक उठते हैं और टूटते तारे की तरह लगते हैं।
आखिर क्यों होती है Meteor Shower :
                 आकाश में दिखने वाला मेटियर शॉवर या उल्का वृष्टि किसी विशिष्ट घटना का परिणाम होता है, जिसका गोरखपुर नक्षत्रशाला तारामंडल के खगोलविद अमर पाल सिंह ने स्पष्टीकरण किया है। उन्होंने बताया कि यह उल्का वृष्टि धूमकेतुओं से संबंधित होती है, जिन्हें धूलिकड़ों और बर्फ से बनी गैसों के पिंडों का आवेशित आकार कहा गया है। धूमकेतु लंबी दीर्घवृत्ताकार कक्षाओं में सूर्य की परिक्रमा करते हैं और उनके यात्रापथ से पृथ्वी गुजरती है।
इस प्रक्रिया में उल्काएं कक्षाओं में चक्कर लगाती हैं और इससे निकले हुए कण पृथ्वी के वायुमंडल में आकर्षण और घर्षण के कारण जलते हुए दिखते हैं। इन उल्काओं की चमक के कारण आकाश में खगोल विज्ञान की भाषा में ‘मेटियर शॉवर’ और आम भाषा में ‘टूटते हुए तारों की बौछार’ कहलाती है।

You cannot copy content of this page

error: Content is protected !!