क्षिप्रा

किसानों ने जाने कम लागत में खेती करने हेतु संतुलित उर्वरक के प्रयोग

क्षिप्राखबर @ क्षिप्रा। विश्व की सबसे बड़ी उर्वरक उत्पादक और विपणन सहकारी समिति इफको ने नैनो उर्वरकों की नेटवर्क परियोजना पर शनिवार को क्षिप्रा में वृहद कृषक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें प्रतिष्ठित कृषि विज्ञान संस्थानों, शोधकर्ताओ ने हिस्सा लिया। इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइजर कोआपरेटिव लिमिटेड (इफ्को) द्वारा नैनो उर्वरकों पर आधारित इस संगोष्ठी का उद्देश्य उर्वरकों के क्षेत्र में अनुसंधान, विकास तथा कृषि की दिशा में नयी संभावनाओं पर विचार करना था, ताकि देश के किसान अधिकाधिक लाभान्वित हो सकें। डॉ. मनीष सचान ने किसानों को जल विलेय उर्वरकों के बारे में विस्तार से बताया कि यह सामान्य उर्वरकों से अधिक दक्षता वाले उर्वरक हैं एवं इनका उपयोग पर्णीय छिड़काव कर तथा ड्रीप के माध्यम से कर सकते हैं। सागारिका एक समुद्री शेवालो से बनाया गया उत्पाद है जिसमें सभी प्रकार के तत्व उपलब्ध होने के साथ-साथ सभी प्रकार के लवण, विटामिन, एमिनो एसिड एवं हार्मोंस उपलब्ध हैं। यह पोधे की बढ़वार व उत्पादन को बढ़ाने में सहायक है।कृषि विभाग से विशाल पाटिल (सहायक संचालक कृषि) ने कृषि योजनाओं की जानकारी प्रदान की। राज्य विपणन प्रबंधक प्रकाश पाटीदार द्वारा इफको द्वारा राज्य में की जा रहीं विभिन्न गतिविधियों पर चर्चा करते हुए किसानों को कम लागत में खेती करने हेतु संतुलित उर्वरक प्रयोग की सलाह दी। इस समारोह में क्षिप्रा समेत आसपास के गांवों से 400 से अधिक किसानों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। श्याम पटेल (समिति प्रबंधक क्षिप्रा) ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर डॉ ओम शरण तिवारी (मुख्य प्रबंधक इफको) भोपाल, अनुज कुर्मी (क्षेत्रीय अधिकारी इफको) सीहोर एवं वरिष्ठ किसान उपस्थित थे। कार्यक्रम संचालन राजेश पाटीदार (क्षेत्र प्रबंधक इफको)  ने किया तथा आभार सुरेंद्र मकवाना (शाखा पर्यवेक्षक जिला सहकारी बैंक) ने माना।

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