क्षिप्रा

क्षिप्रा तट स्तिथ मंदिर जलमग्न, दर्जनभर गांवो का संपर्क टूटा, क्षिप्रा डेम के आठ गेट खोले

क्षिप्राखबर @ क्षिप्रा। शुक्रवार को क्षिप्रा में शाम चार बजे बाद मौसम का मिजाज बदला, घने बादल छाए और झमाझम तेज वर्षा हुई। बीते 24 घंटे में हुई बारिश ने पिछले 61 सालों का रिकार्ड तोड़ दिया है। क्षिप्रा नदी भी लबालब हो गई है। इधर क्षिप्रा डेम के आठ गेटों को खोलकर पानी आगे की ओर छोड़ा जा रहा है।

दर्जनभर से अधिक गांवो का संपर्क टूटा…
आसमान में काले घने बादलों की आवाजाही के साथ शनिवार भी तेज बारिश का दौर जारी रहा। क्षिप्रा नदी में इस वर्ष की बारिश से पहली बार इतना पानी आया है कि नदी तट किनारे बने मंदिर तक डूब गए है। निचले इलाकों में रहवासियों के घरों में पानी घुस गया है। इधर कलेक्टर के आदेश पर इंदौर जिले के तो स्कूल बंद रहे लेकिन देवास जिले के निजी एवं शासकीय स्कूलों में शिक्षा ग्रहण करने आने वाले विद्यार्थियों को परेशानी हुई। सुखल्या रोड़ पर बने नाले के ब्रिज का आवागमन का रास्ता बंद हो गया जिससे आसपास के दर्जनभर से अधिक गांवो का संपर्क टूट गया।

क्षिप्रा डेम के आठ गेटो को खोला गया…
लगातार हो रही बारिश से क्षिप्रा के जलस्तर में भी बढ़ोतरी हुई। जिस कारण क्षिप्रा बांध के बारह गेटो में से छः गेट शुक्रवार देर रात खोले गए। शुक्रवार भी जमकर हो रही बारिश के कारण सुबह 2 गेट ओर खोले गए। अभी सतत 8 गेटों से पानी उज्जैन के लिए छोड़ा जा रहा है। देवास नगर निगम अधिकारियों की टीम द्वारा डैम पर सतत निगरानी रखी जा रही है।आयुक्त रजनीश कसेरा ने बताया कि डेम में आ रहे बाढ़ के पानी को लेकर अधिकारियों को सतत मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही प्रति घंटे की रिपोर्ट भी दिए जाने हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए।

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