क्षिप्रा

गणेश विसर्जन : क्षिप्रा नदी पर जाने वाले हर एक रास्तो पर बेरिकेडिंग, नए ब्रिज से कर गए प्रतिमाओं का विसर्जन

क्षिप्राखबर @ क्षिप्रा। मोक्षदायिनी माँ क्षिप्रा के पवित्र जल को प्रदूषण से बचाने को लेकर स्थानीय ग्राम पंचायत सुखल्या, बुढ़ी बरलाई एवं पीरकराड़िया द्वारा गणेश विसर्जन के दौरान क्षिप्रा नदी में किसी भी कीमत पर गणेश की प्रतिमाओं का विसर्जन नही करने का अथक प्रयास किया गया। विसर्जन के लिए गोविंदपुरा स्तिथ तालाब में वैकल्पिक व्यवस्था की गई थी। लेकिन ऐसा लगता है कि भगवान गणेश के भक्त मूर्ति विसर्जन पर प्रतिबंध पर प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा रोक टोक पर ध्यान देने के मूड में नहीं थे, क्योंकि हजारो की तादाद में क्षिप्रा नदी के नए ब्रिज पर से मूर्तियों का विसर्जन किया जा रहा था।


ग्राम पंचायत एवं प्रशासन द्वारा मूर्ति विसर्जन पर रोक हेतु अनूठी पहल की गई थी। क्षिप्रा में विसर्जन पर प्रतिबंध को लेकर हर छोटे बड़े मार्ग जिससे श्रद्धालुओं क्षिप्रा नदी तट पर पहुँचते है उनके बेरिकेडिंग द्वारा बंद कर दिया था। इन सभी मार्गो पर हिदायत हेतु बैनर लगा दिए गए थे कि क्षिप्रा नदी में मूर्तियों के विसर्जन पर पूर्णतः प्रतिबंध है। लेकिन कई भक्त क्षिप्रा के नए ब्रिज से प्रतिमाओं का विसर्जन करते नजर आए। इसी के साथ कई लोगो ने क्षिप्रा के नए ब्रिज से उतरकर नदी के समीप पहुँचकर गणेश विसर्जन किया। प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ प्लास्टिक की थैलियों, फूलों की पंखुड़ियों और अन्य पूजा सामग्री से भरे हुए थे जिन्हें उन्होंने क्षिप्रा में विसर्जित कर दिया। नए ब्रिज के आसपास विसर्जन सामग्री के साथ ही प्लास्टिक की थैलियां पड़ी हुई नजर आई।

इधर गोविंदपुरा तालाब पर हुआ प्रतिमाओं का विसर्जन…
क्षिप्रा नदी पर प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए आने वाले भक्तों के लिए पास ही स्तिथ गोविंदपुरा के तालाब में मूर्तियों के विसर्जन की व्यवस्था की गई थी। पूरी पावनता के साथ विघ्न विनायक को यहां अलौकिक विदाई दी गई। देर शाम तक गाजे-बाजे, ढोल नगाड़ों के साथ भक्ति गीत सुनाई देते रहे। महिलाएं पुरुष बच्चे सभी विसर्जन यात्रा में शामिल हुए और श्री गणेश का आशीर्वाद लिया। भगवान गणेश के भक्त अबीर और गुलाल उड़ाते नजर आए। गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आना… के जयघोष लगाते हुए भी नजर आए।

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