क्षिप्रा

भक्ति रहित ज्ञान अभिमान पैदा करता है, अटल निश्चय से की गई भक्ति से ही परमात्मा मिलते है- संत श्री मोहित नागर

क्षिप्राखबर @ क्षिप्रा। जिसने मन और वचन को एक बनाकर मर्यादा के साथ जीवन को संवारा वही ईश्वर की कृपा का पात्र बन सकता है। जीव प्रकृति के अधीन है। प्रकृति अर्थात स्वभाव जिस संगति में बैठोगे, प्रकृति उसके अनुरूप होगी। सत्संग और सतग्रंथो का अनुसरण कर भगवान की कथा का श्रवण करोगे तो भक्ति उत्पन्न होगी। भक्ति और सत्संग एक दूसरे के पूरक है जो बिना गुरु के प्राप्त नहीं हो सकती गुरू ईश्वर की भक्ति के मार्ग को बताता है। भगवान ज्ञानवान से अधिक भाववान पर कृपा करते हैं। जिस ज्ञान में भक्ति के भाव है उसमें ही अटल विश्वास पैदा होते हैं। भक्ति रहित ज्ञान अभिमान पैदा करता है। अटल निश्चय से की गई भक्ति से परमात्मा मिलते हैं। यह आध्यात्मिक विचार क्षिप्रा में दिलीप अग्रवाल द्वारा 62 कन्याओं के नि:शुल्क विवाह  संकल्प में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह के 6 दिन भागवताचार्य संत मोहित नागर ने व्यक्त करते हुए कहीं। संत श्री ने कहा कि जहां सम्मान नहीं, वहा हरि नहीं। जो अतिथि और साधु संतों को भोजन नहीं कर सकते वहा लक्ष्मी का वास नहीं होता। द्वार पर आने वाला अतिथि साधु संत या याचक का भी अपमान नारायण का अपमान है। आपने निर्धन संत कुबा द्वारा 150  साधु महात्माओं को भोजन करने का और नारायण की कृपा प्राप्त करने का बहुत ही सुंदर और मार्मिक चित्रण प्रस्तुत किया। प्रसंग अनुसार केवट की भक्ति और विश्वास का वर्णन एवं प्रभु श्री राम के राज्याभिषेक एवं 14 वर्ष के वनवास का आध्यात्मिक तथा रहस्यमय वर्णन किया। रूक्मणी एवं श्री कृष्ण की विवाह का सुंदर वर्णन करते हुए श्रेष्ठ विवाह संस्कारों के प्रतिफल एवं श्रेष्ठ गृहथाश्रम के सूत्रों को बताया। पं नागर ने कहा कि अपनी बेटी का विवाह हम अपने सामर्थ से करते हैं। किंतु सबसे बड़ा महादानी वह है जो किसी अनाथ बेटी या गरीब की बेटी का विवाह कर कन्यादान करता है। शास्त्रों में कहा है कि कन्यादान से बड़ा कोई दान नहीं, दिलीप अग्रवाल ने अपने जीवन में दान की पराकाष्ठा को छू लिया है आपने जीवन में इतनी बेटियों का कन्यादान करके अपनी अनेक पीढिय़ों  का पुण्य उदय किया है। व्यास पीठ की पूजा दिलीप अग्रवाल, अनीता अग्रवाल, अंकित, अनुष्का, आकाश एवं राधिका अग्रवाल ने की। कथा मध्य में सोनकच्छ विधायक डॉक्टर राजेश सोनकर ने संत श्री का स्वागत कर आशीर्वाद लिया। आरती में विशेष रूप से मुकेश मुकाती, डालचंद कनौजिया, अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के जिलाध्यक्ष दिनेश मिश्रा, अशासकीय विद्यालय संघ के राजेश गोयल, सुशील मिश्रा, प्राचार्य कृष्णकांत शर्मा  सहित अनेक गणमान्य उपस्थित थे। हजारों की संख्या में महिला पुरुषों ने कथा श्रवण की। रविवार 31 दिसंबर को कथा विश्राम के बाद 62 कन्याओं का निशुल्क विवाह समारोह आयोजित होगा। जानकारी मीडिया प्रभारी चेतन उपाध्याय ने दी।

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