क्षिप्रा

भूतड़ी अमावस्या पर हजारों श्रद्धालुओं ने लगाई क्षिप्रा में डुबकी

क्षिप्राखबर @ क्षिप्रा। सर्वपितृमोक्ष अमावस्या (भूतड़ी अमावस्या) और शनिश्चरी अमावस्या के अद्भुत संयोग पर बड़ी संख्या में मोक्षदायिनी माँ क्षिप्रा में श्रद्धालुजन आस्था की डुबकी लगाने पहुंचे। अलसुबह से ही क्षिप्रा नदी के पवित्र जल में स्नान के बाद भक्तों ने तर्पण भी किए। साथ ही दान-पुण्य करने के बाद क्षिप्रा तट पर स्तिथ मंदिरों में पूजा-अर्चना की गई।शनिवार तड़के से ही इंदौर-देवास जिले के हजारों श्रद्धालु क्षिप्रा घाट पहुंचे और अपने पितरों की शांति के लिए पिंडदान किया। क्षिप्रा घाट पर बड़ी संख्या में पुरोहितों के द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार से पिंडदान कराया गया। क्षौर कर्म कराने के बाद लोगों ने अपने पितरों को तर्पण किया। जौ का आटा, खोवा, चावल, बालू आदि पदार्थों के साथ पिंडदान करके पूजा अर्चना की गई। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार से पूरा घाट गुंजायमान रहा। ज्योतिषाचार्य विकास जोशी ने बताया कि श्राद्ध पक्ष का समापन सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या से होता है। इस दिन उन मृत लोगों के लिए पिंडदान, श्राद्ध और तर्पण कर्म किए जाते हैं, जिनकी मृत्यु तिथि मालूम नहीं होती है। पितृ मोक्ष अमावस्या पर सभी ज्ञात-अज्ञात पितरों का पिंडदान किया गया।

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