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रक्षा बंधन 2023 : भूलकर भी भाई को भद्रा के साये में राखी न बांधे, जानिए रक्षाबंधन का सही मुहूर्त

रक्षा बंधन 2023 : भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन मानने को लेकर इस बार लोगों के भ्रम की स्थिति बनी है। हिंदू पंचांग के अनुसार इस बार रक्षाबंधन पर्व 30 अगस्त को मनाया जाएगा। हालांकि रक्षाबंधन के दिन इस बात का ख्याल रखना चाहिए की भद्राकाल में राखी नहीं बांधनी चाहिए। दरअसल, भद्राकाल अशुभ मुहूर्त है, इसलिए शुभ मुहूर्त में ही बहनों को अपने भाईयों की कलाई पर राखी बांधनी चाहिए।

हनुमद् उपासक पं राधै गुरूजी से जानते हैं राखी बांधने का सही मुहूर्त…

पूर्णिमा तिथि का आरंभ 30 अगस्त 2023 को प्रातः 10:59 मिनट पर हो जायेगी जोकि अगले दिन प्रातः 07:04 तक रहेगी। इस दिन भद्रा प्रातः 10:59 से रात्रि 09:02 तक रहेगी। जो पृथ्वी लोक की अशुभ भद्रा होगी। अतः भद्रा को टालकर रात्रि 09:02 के पश्चात् मध्यरात्रि 12:28 तक आप राखी सकते है। शास्त्रों में भद्रा काल श्रावणी पर्व मनाने भी निषेध कहा गया है और इस दिन भद्रा का काल रात्रि 09:02 तक रहेगा। इस समय के बाद ही राखी बांधना ज्यादा उपयुक्त रहेगा। पूर्णिमा के समय को लेकर पंचांग भेद भी हैं।

राधै गुरूजी ने बताया कि, हिंदू पंचाग के मुताबिक रक्षाबंधन सावन महीने की पूर्णिमा को हर साल मनाया जाता है। भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का यह त्योहार पूरे भारत में उत्साह के साथ मनाया जाता है और बहनें अपने भाई की कलाई पर रक्षासूत्र बांधकर भाई की लंबी उम्र की कामना करती है। वहीं भाई भी बहन की रक्षा करने का संकल्प लेता है। धार्मिक ग्रंथों के मुताबिक रक्षाबंधन का पर्व भद्रा काल में नहीं मनाना चाहिए। धार्मिक मान्यता है कि भद्रा काल के दौरान राखी धना शुभ नहीं होता है।

पौराणिक कथा के अनुसार लंकापति रावण को उसकी बहन ने भद्रा काल में राखी बांधी थी और उसी साल प्रभु राम के हाथों रावण का वध हुआ था। इस कारण से भद्रा काल में कभी भी राखी नहीं बांधी जाती है। पूर्णिमा तिथि का आरंभ 30 अगस्त 2023 को प्रातः 10:59 मिनट से होगा। पूर्णिमा तिथि के साथ भद्रा आरंभ हो जाएगी जोकि रात्रि 09:02 तक रहेगी। शास्त्रों में भद्रा काल में श्रावणी पर्व मनाने का निषेध कहा गया है। इस दिन भद्रा का काल रात्रि 09:02 तक रहेगा. इस समय के बाद ही राखी बांधना ज्यादा उपयुक्त रहेगा।

जानिए क्या है रक्षाबंधन की सही तिथि :-
पूर्णिमा तिथि आरंभ – 30 अगस्त, सुबह 10:59 मिनट से पूर्णिमा तिथि की समाप्ति – 31 अगस्त, सुबह 7:04 मिनट पर
  • रक्षाबंधन भद्रा पूंछ – शाम 05:32. – 06:32
  • रक्षाबंधन भद्रा मुख – शाम 06:32 – रात 08:11
  • रक्षाबंधन भद्रा का अंत समय 09:02 – रात 
राखी बांधने के लिए प्रदोष काल मुहूर्त – रात्रि 09:03 – मध्यरात्रि 12:28 तक

अति आवश्यकता में मुहूर्त:- बुधवार 30 अगस्त 2023 को भद्रा प्रारम्भ के पूर्व प्रातः 06:09 से प्रात: 09:27 तक और रात्रि 09: 03 से मध्यरात्रि 12:28 तक राखी बांधी जा सकती है।


31 अगस्त शुरू हो जाएगा भाद्रपद मास
पं राधै गुरू जी ने बताया कि 31 अगस्त की सुबह 7.04 बजे तक पूर्णिमा रहेगी।इसके बाद से भाद्रपद मास शुरू हो जाएगा। इस कारण 30 अगस्त को ही रक्षाबंधन और सावन पूर्णिमा से जुड़े धर्म-कर्म करना ज्यादा शुभ रहेगा।
कथावाचक एवं हनुमद उपासक पं राधे गुरुजी

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