क्षिप्रा

रिमझिम बारिशो के बीच प्रकट हुए नंदलाला, चहुओर गुंजी बधाई…

क्षिप्राखबर @ क्षिप्रा। भादव माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव के समय जिस तरह की बारिश हो रही थी। ठीक उसी तरह का भक्तिमय माहौल गुरुवार को श्री कृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर देखने को मिला। रिमझिम और तेज बरसात के बीच में भी भक्तों की भीड़ मंदिरों में उमड़ पड़ी। क्षेत्र के विभिन्न मंदिरों में एक दिन पूर्व ही आकर्षक साज-सज्जा का सिलसिला चलता रहा।
शाम 7 बजे से क्षिप्रा के भद्रकाली माता मंदिर स्तिथ राधा कृष्ण मंदिर, बरलाई रोड़ के श्री चिंताहरण गणेश मंदिर, पीरकराड़िया के श्री राम मंदिर एवं गायत्री माता मंदिर, बुढ़ी बरलाई के श्री राम मंदिर, बरलाई जागीर के सिद्धेश्वर महादेव एवं हनुमान मंदिर सहित क्षेत्र के अनेकों मंदिरों में भक्तों की भीड़ नजर आई।
भक्तजनों ने गुरुवार की रात्रि मंदिरो और अपने घरो में लड्डु़ गोपाल को झुले में झुलाया और श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया। नंद के घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की..और हाथी, घोड़ा, पालकी जय कन्हैया लाल की..जयघोष की रंग में रंग गया। पं. राधे गुरु ने बूढ़ी बरलाई स्थित राम मंदिर में, मां भद्रकाली मंदिर में पं. राधेश्याम शर्मा, पीरकराड़िया के राम मंदिर में पं. ऋषभ शर्मा, गणेश मंदिर में पं.शुभम जोशी के द्वारा भगवान बालगोपाल की आरती की गई।
भगवान बाल गोपाल को माखन मिश्री का भोग अर्पित कर भक्तजनों को वितरित किया गया। जन्माष्टमी के मौके पर भक्तजनों ने मध्यरात्रि भगवान के बालरूप की पुजा अर्चना कर बालगोपाल को पालने में भी झुलाया। क्षेत्र में कई जगह मटकी फोड़ प्रतियोगिता का भी आयोजन हुआ जिसमें विजेताओं को उपहार दिया गया। देर रात तक भजनो का दौर चलता रहा।

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