क्षिप्रा

रोड़ निर्माण कंपनी की लापरवाही से खेतों में पहुँचा नालो का पानी, लाखो की फसलें हुई चौपट, भाकिसं ने आंदोलन की चेतावनी दी

क्षिप्राखबर @ क्षिप्रा। इंदौर-देवास मार्ग में क्षिप्रा के पास से उज्जैन रोड़ को कनेक्टिविटी करने का कार्य विगत महीनों से किया जा रहा है। यह रोड़ ग्राम बांगर के पास सीधा उज्जैन रोड़ से कनेक्ट होगा। अब रोड़ बनाने वाली कंपनी की लापरवाही के चलते किसानों को करीब 200 बीघा की फसले चोपट हो गयी है। नाराज किसानो ने अब देवास कलेक्टर से शिकायत कर मुआवजे की मांग की है। भारतीय किसान संघ ने मुआवजा नही मिलने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

गौरतलब है कि क्षिप्रा के पास उज्जैन को सीधा जोड़ने वाला रोड़ बनाया जा रहा है। यहां ग्राम टुमनी में रेलवे क्रासिंग के पास पुलिया निर्माण होना था। नालो के पानी के निकासी के लिये सड़क बनाने वाली कम्पनी ने छोटी पुलियाएं बनाई थी। अब ये पुलियाएं भारी बारिश के कारण तहस नहस हो गई। पुलियाओं के टूटने से इन पर मलबा जमा हो गया और पानी की निकासी अवरूद्ध हो गई। जिसके चलते बारिश का पानी खेतों में जमा हो गया एवं करीब 200 बीघा की फसलें जिसमे सोयाबीन ओर अन्य फसलें तैयार हो रही थी वह नष्ट हो गयी। यहां के किसानों ने बताया कि नालो का पानी खेतो में पहुँचने का एकमात्र कारण रोड़ बनाने वाली कम्पनी का ही है। भारतीय किसान संघ के जिला मंत्री शेखर पटेल ने बताया कि यहां सैकड़ो बीघा में फसलें बर्बाद हो चुकी है। पुलिया टूटने पर किसानों के खेतों में पानी भरा है यदि ज्यादा बारिश होती तो पूरे गांव में पानी आ जाता। किसानों को अगर मुआवजा नही दिया गया तो भारतीय किसान संघ बड़ा आंदोलन करेगा।

भारतीय किसान संघ का प्रतिनिधि मंडल बुधवार को कलेक्टर ऋषव गुप्ता से मिला। किसानों की इस समस्या के साथ ही अन्य समस्याओं पर प्रतिनिधि मंडल ने चर्चा की। कलेक्टर ने किसानों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए रोड निर्माण का कार्य देख रहे कंपनी के अधिकारियों को बुलाया और उन्हें गुणवत्तायुक्त कार्य करने की सख्त हिदायत दी। जिन किसानों के खेतों में फसल खराब हुई है, उसके सर्वे के लिए बीमा कंपनी को निर्देश भी दिए।

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