क्षिप्रा

विकास की चाल हुई सुस्त, अधूरे काम से बड़ी परेशानी

क्षिप्राखबर @ क्षिप्रा। साँवेर विधानसभा में पूरी तरह से जर्जर हो चुकी शिप्रा से पानोड़ मार्ग से लोगों को छुटकारा दिलाने के मकसद से एक कम सत्तर करोड़ की लागत से 22 किलोमीटर सड़क निर्माण का कार्य शुरू तो किया गया, लेकिन विडंबना है कि लंबे अर्से बाद भी यह काम पूरा नहीं हो पाया है। शिप्रा से पानोड़ मार्ग में एमपीआरडीसी के ठेकेदार द्वारा आधी- अधूरी सड़क बनाकर बीच में ही छोड़ दिया गया है। पुआर्डला में कई जगह डामरीकरण हुआ तो कई जगह दो-दो किलोमीटर तक उखड़ी सड़क ही नजर आ रही है। यही हाल शिप्रा में बन रही सीमेंट कांक्रीट की सड़क पर देखने को मिल रहा है। कछुआ चाल से चल रहे काम को लेकर साफ तौर पर कहा जा सकता है कि जिम्मेदार जानबूझकर अनजान बने हुए है और जिसका खामियाजा सड़क पर चलने वाले राहगीरों को उठाना पड़ रहा है।गौरतलब है कि शिप्रा से पानोड़ तक सड़क निर्माण हो रहा है। एमपीआरडीसी के अंतर्गत बनने वाले मार्ग में जगह जगह अधूरी सड़को का निर्माण हो रहा। हालत ये है कि पुआर्डला में कई जगह डामरीकरण हुआ तो कई जगह सड़क की खोदाई के बाद भी काम पूरा नही हो रहा है। शिप्रा में सीमेंट कंक्रीट की सड़क जगह जगह छोड़ दी गई है जिसमे सरिये बाहर निकले हुए है। जो हादसों का सबब बन रहे है। रहवासी के लिए क्षेत्र में अधूरी सड़क परेशानी का सबब बन रही है। अधूरे काम को लेकर लोक निर्माण विभाग के अधिकारी जहमत तक नहीं उठा पा रहे है।

अधिकारियों को जानकारी नही : कई जगह अधूरे कार्य की जानकारी आपसे मिली है। इन जगहों को छोड़ने का कारण पता नही है, लेकिन जल्द ही सभी छुटे हुए कार्य को किया जाएगा।  – राकेश जैन (एमपीआरडीसी अधिकारी)

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