क्षिप्रा

शिवमहापुराण के समापन पर द्वादश ज्योतिर्लिंग महिमा का वर्णन

क्षिप्राखबर @ क्षिप्रा। भगवान शिव पापों का नाश करने वाले देव हैं तथा बड़े सरल स्वभाव के हैं। इनका एक नाम भोला भी है। अपने नाम के अनुसार ही बड़े भोले-भाले एवं शीघ्र ही प्रसन्न होकर भक्तों को मनवाँछित फल देने वाले हैं।उन्हें सिर्फ जल और बिल्व पत्र से प्रसन्न किया जा सकता है। यह व्याख्यान पं. वैभव दुबे ने शिवमहापुराण के समापन दिवस पर दिए। जिस तरह भगवान शिव के परिवार में सभी जीव-प्राणी पूजनीय हैं। उसी तरह इस विश्व में हमें भी सभी जीवों के महत्व को स्वीकारना चाहिए।

                                 श्री सिद्धि विनायक महिला मंडल द्वारा आयोजित की जा रही भव्य शिवमहापुराण में सैकड़ों भक्तजन कथा का श्रवण करने पहुँच रहे है। मंगलवार को शिवमहापुराण कथा का समापन दिवस रहा। इस दौरान कथा व्यास पं. वैभव दुबे जी ने द्वादश ज्योतिर्लिंगों की महिमा का श्रवण करवाते हुए कहा कि भगवान शिव सरल, सौम्य और आशुतोष हैं। धरा पर देवादिदेव महादेव के 12 ज्योतिर्लिंग विराजमान हैं। कहा जाता है कि अपने संपूर्ण जीवनकाल में इन 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन करने से सात जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं।

                                       पं दुबे ने एक प्रसंग में बताया कि ब्रह्मा जी और विष्णु भगवान में बहस छिड़ गई कि कौन सर्वश्रेष्ठ है। दोनों ही अपने आप को सर्वश्रेष्ठ बताने लगे और इस समस्या का हल निकालने के लिए भगवान शंकर एक प्रकाश स्तंभ के रूप में प्रकट हुए। भगवान विष्णु और भगवान ब्रह्मा जी से जब इस प्रकाश स्तंभ का कोई भी एक सिरा ढूंढने को कहा गया तो भगवान विष्णु ऊपर की ओर और ब्रह्माजी नीचे की ओर गए परंतु दोनों ही इस कार्य में असफल रहे। बाद में शिवजी ने इस प्रकाश स्तंभ को पृथ्वी पर गिरा दिया जिसे हम ज्योतिर्लिंग के नाम से पुकारते हैं। गुजरात के सौराष्ट्र में स्थित सोमनाथ ज्योतिर्लिंग पृथ्वी पर प्रकट हुआ सबसे पहला ज्योतिर्लिंग है। पुराणों के अनुसार यहां पर स्वयं चंद्रमा ने अपनी चमक वापस पाने के लिए भगवान शंकर की कठोर तपस्या की थी, तभी से इसका नाम सोमनाथ पड़ गया था। आंध्र प्रदेश में श्रीशैल नाम के पर्वतों पर मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग है। ऐसे ही बारी बारी से द्वादश ज्योतिर्लिंगों की महिमा का वर्णन किया। कथा के दौरान भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे। शिवमहापुराण कथा के समापन दिवस पर 1000 रुद्राक्षो का वितरण हुआ। इस अवसर पर सिद्धि विनायक मंडल की प्रतिभा अग्रवाल, अनिता अग्रवाल (दीदी), सुधा झंवर, अनु झंवर, मोना झंवर, संध्या तापडिया, सरोज राठी, दिशा कासट, अनिता अग्रवाल, अनुष्का अग्रवाल, राधिका अग्रवाल, कविता अग्रवाल, पुजा अग्रवाल, कृतिका अग्रवाल, तृप्ति बाहेती, राधिका बांगड, शोभिता मालू, कृष्णा मालू, रंजना अग्रवाल, पलक अग्रवाल, सपना अग्रवाल, दीपाली अग्रवाल, लता जैन, सलोनी ठाकुर, सुरभि अग्रवाल, शैफाली बाहेती एवं सैकड़ो श्रोतागण उपस्थित रहे।

फ़ोटो : शिवमहापुराण कथा में उपस्थित सिद्धि विनायक महिला मंडल की महिलाएं

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