क्षिप्रा

सालो से उठ रही थी मांग जल्द होगी पूर्ण, क्षिप्रा नदी के दोनों ब्रिज पर जालिया लगाने का काम शुरू

लगातार हो रही आत्महत्याओं पर लगाम लगाने के साथ ही क्षिप्रा के प्रदूषण को रोकने में भी मददगार साबित होगी…..
मयूर विष्णु वाघेला●क्षिप्रा
क्षिप्रा नदी के ब्रिज से कूदकर आत्महत्याओं के मामले लगातार सामने आ रहे थे। इसी के साथ यहा से दिनभर गुजरने वाले भी विसर्जन सामग्री को ब्रिज से ही फेक कर चले जाते थे। लगातार ब्रिज पर जाली लगाने के संबंध में खबर प्रकाशित होने के बाद अब एनएचआई (नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया) के गायत्री कंस्ट्रक्शन ने कलेक्टर के आदेश पर क्षिप्रा के दोनों ब्रिज पर 480 मीटर (ब्रिज के दोनों तरफ लम्बाई) तक जाली लगाने का काम शुरू कर दिया है। इससे अब आये दिन ब्रिज से कूदकर आत्महत्या करने वालो में कमी एवं माँ क्षिप्रा को प्रदूषण मुक्त बनाने की राह पकड़ ली है।
गौरतलब है कि पिछले कुछ सालो से क्षिप्रा नदी का पुराना व नया ब्रिज जान देने वालों की जगह के लिए चर्चित होता जा रहा था। बीते पिछले  सालो में कई लोग ब्रिज से छलांग लगा चुके है जिसमें अधिकांश की मौत हो गई थी। सुरक्षा की दृष्टि से नदी के ब्रिज पर कई सालों से जाली लगाने की मांग स्थानीय लोगो द्वारा की जा रही थी। मिडिया ने भी कई बार ब्रिज पर जाली लगाने के लिए मुद्दा उठाया था। अब प्रशासन ने कुम्भकर्णी नींद से जागकर क्षिप्रा के दोनों तरफ जाली लगाने का काम शुरु कर दिया है। ब्रिज के दोनों तरफ करीब 480 मीटर लंबी (संभावित एक तरफ 240 मीटर) जालिया लगाई जा रही है। यह कार्य इंदौर-देवास सिक्स लेन मेंटनेश करने वाली कम्पनी गायत्री कंस्ट्रक्शन द्वारा करवाया जा रहा है। इसकी अनुमानित लागत लगभग 14 लाख रुपये है।

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